Wednesday, 6 August 2025
Bhutan city Samdrup jonkhar
भूटान सिटी की कहानी — "शांति की धरती पर एक दिन"
भूटान, हिमालय की गोद में बसा एक छोटा सा लेकिन बेहद सुंदर देश है। यहाँ की राजधानी है थिम्पू – एक अनोखा शहर जहाँ न तो ट्रैफिक सिग्नल हैं और न ही भीड़भाड़, लेकिन फिर भी सब कुछ अनुशासित और शांत है।
चलो एक दिन की कहानी सुनाता हूँ भूटान शहर में रहने वाले एक आम नागरिक की — जिसका नाम है Sonam (सोनम)।
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🌄 सुबह का समय:
सुबह-सुबह भूटान की वादियों में सूरज की किरणें जब पहाड़ों पर पड़ती हैं, तो सारा शहर सुनहरा हो जाता है। सोनम एक साधारण भूटानी नागरिक है, जो सरकारी स्कूल में शिक्षक है।
वह सुबह 5 बजे उठता है, सबसे पहले मेडिटेशन करता है। भूटान के लोग मानसिक शांति को बहुत अहमियत देते हैं। फिर वह घर के पास बने छोटे गोंपा (बौद्ध मठ) में प्रार्थना करने जाता है। वहाँ लोग प्रार्थना चक्र घुमाते हैं, मंत्र बोलते हैं — "ॐ मणि पद्मे हूं"।
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🌸 दिन का समय:
सोनम स्कूल जाता है। भूटान में शिक्षा बहुत सम्मानजनक मानी जाती है। वहाँ के लोग अंग्रेजी और भूटानी भाषा (डजोंगखा) में पढ़ते हैं।
दोपहर को स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हुए वह उन्हें पर्यावरण, करुणा और Gross National Happiness (GNH) के बारे में बताता है। GNH भूटान का अनोखा विकास पैमाना है — जो बताता है कि खुशी GDP से ज़्यादा ज़रूरी है।
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🛍️ शाम का समय:
शाम को स्कूल से लौटते समय सोनम थिम्पू की बाजार जाता है। वहाँ की दुकानों में ज़्यादातर सामान लोकल होता है — जैसे बांस के बने बर्तन, ऊन की टोपी, हाथ से बुना हुआ गौन (घो), जो भूटान का पारंपरिक पोशाक है।
लोग शांति से खरीदारी करते हैं, कोई शोरगुल नहीं। बच्चे मोनेस्ट्री के बाहर खेलते हैं, और बड़े-बूढ़े खुले मैदानों में घूमते हैं।
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🌙 रात का समय:
रात को सोनम अपने परिवार के साथ ताश खेलता है और पारंपरिक भूटानी खाना खाता है — एमा दात्सी (मिर्च और पनीर), सुवा चावल, और लाल चाय।
सोने से पहले वे सब मिलकर बौद्ध पूजा करते हैं और एक-दूसरे के लिए दुआ करते हैं।
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📚 क्या करते हैं भूटानी लोग?
खेती (मक्का, चावल, सेब उगाना)
बौद्ध धर्म की साधना
याक पालन पहाड़ी क्षेत्रों में
हाथ की कारीगरी (wood carving, weaving)
गवर्नमेंट सर्विस या टूरिज्म से जुड़ा काम
पर्यावरण संरक्षण (भूटान 70% से ज्यादा वन से ढका है!)
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❤️ एक खास बात:
भूटान में खुश रहना सबसे बड़ा लक्ष्य है। वहाँ लोग पैसे से ज़्यादा संतोष, प्रकृति और रिश्तों को अहमियत देते हैं। यही कारण है कि भूटान को "दुनिया का सबसे खुश देश" कहा जाता है।
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अगर आप चाहो तो मैं इस कहानी पर एक एनिमेशन वीडियो स्क्रिप्ट या आवाज के लिए डायलॉग भी बना सकता हूँ। बताना!
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